‘व्हिसिल बजा’ की संदर्भ सहित व्याख्या Humour / Movies

‘व्हिसिल बजा’ ‘हीरोपंती’ नामक चलचित्र का एक अत्यंत लोकप्रिय गीत है जोकि श्री जैकी श्रॉफ़ के पुत्र श्री टाइगर श्रॉफ़ पर फिल्माया गया है, और जिसकी लोकप्रियता के कारणों के सन्दर्भ में कुछ भी कह पाना किसी भी चिंतक के लिए कठिन है और मैं तो चिंतक भी नहीं हूँ। परन्तु इस गीत की व्याख्या हेतु ये कहना आवश्यक है के इस गीत को एक विशिष्ट वर्ग के लिए लिखा गया है जिसके समकक्ष होने के लिए ये अति महत्वपूर्ण  है की आप अपनी बुद्धि के उपयोग में थोड़ी कमी लायें। इस गीत को समझने हेतु बुद्धि का अत्यधिक प्रयोग न केवल पूर्णतया अनावश्यक है बल्कि कुछ परिस्थितियों में मानसिक संतुलन के लिए घातक भी सिद्ध हो सकता है।

कवि पंजाबी, आंग्ल भाषा एवं हिंदी के समिश्रण से उतपन्न एक विचित्र भाषा में अपनी प्रेमिका से अपने साथ ‘व्हिसिल’ अर्थात ‘सीटी’ (मुख द्धारा उत्पन्न संगीतमय ध्वनि) बजाने का अनुरोध करता है और उनसे अपनी संगिनी बनने की प्रार्थना करते हुए प्रश्न करता है की वो उन्हें मानसिक प्रताड़ना क्योंकर दे रहीं हैं। कवि प्रेमिका को प्रतिदिन प्रेम करने का आश्वासन भी देता है जिससे कवि की राजनैतिक पृष्टभूमि का पता चलता है। कवि प्रेमिका को ये भी बताता है की उनका हाँथ पकड़ उन्हें ले जाने के बावत भी उनके कुछ अत्यंत उत्कृष्ट विचार हैं। उनके इन विचारों से ये पता चलता है की वे किसी पुराने राजनैतिक घराने के नवदीप हैं और उनके आगामी जीवन में राजनीति का प्रमुख स्थान होगा।

प्रेमिका जी उत्तर में लोकलाज का पूर्णतया खोखला बहाना बनाते हुए ये कहतीं हैं की उन्हें प्रस्तावित प्रेमी के उन्हें छोड़ कर चले जानें का भय है। ये भय श्रीमान टाइगर श्रॉफ़ के काव्यबद्ध निकृष्ट विचारों और छिछोरे कार्यकलापों को ध्यान में रखते हुए अनुचित प्रतीत नहीं होता। परन्तु कवि श्रीमान टाइगर श्रॉफ़ की ओर से पुनः आश्वासन देते हैं की उनका प्रेमिका को छोड़ कर जाने का कोई विचार नहीं है और वे घोड़ी चढ़ने अर्थात प्रेमिका के साथ विवाह करने का का विचार रखते हैं। इसके तत्पश्चात वो प्रेमिका से पास आकर अधरों से अधरों को मिला सीटी बजाने का अश्लील अनुरोध भी करते हैं, जिससे उनके वासना-आश्रित प्रेम का परिचय मिलता है। एक और विचारणीय प्रश्न जो प्रस्तुत होता है वो ये है के अधरों से अधरों को मिलाकर सीटी बजाना किस प्रकार संभव है? इस विलक्षण कार्य के निस्पादनार्थ किस वैज्ञानिक विधि का प्रयोग प्रस्तावित है इस पर कवि पूर्णतया मौन है। अतः ये मान लेने में किंचित कठिनाई नहीं प्रतीत होती कि प्रस्तावित अधरालिंगन का संगीत साधना से सम्बंधित कोई प्रयोजन नहीं है अपितु ये श्री टाइगर श्रॉफ़ की कामपिपासा की संतुष्टि हेतु रचित एक षड़यंत्र मात्र है।

whistleकवि श्री टाइगर श्रॉफ़ की ओर से पुनः आश्वासन देता है की बालिका को चिंतित होने की तनिक भी आवश्यकता नहीं है और इसके साथ ही वो बालिका को श्री श्रॉफ़ की कक्षा में शामिल हो प्रेम की आंग्ल वर्णावली सीखने का प्रस्ताव भी रखता है और इसके साथ ही अधरालिंगन कर सीटी बजाने का अनुरोध भी दोहराता है।

इस गीत में श्री टाइगर श्रॉफ़ पूरे उत्साह के साथ अपने लटकों-झटकों और कूद-फाँद से परिपूर्ण तोड़-नृत्य (ब्रेक डांस) से वर्षाऋतु के मोर की भांति अपनी संगिनी को आकर्षित करने में संलग्न पाए जाते हैं। और अंततः उन्हें तब सफलता प्राप्त हो ही जाती है जब उनकी प्रेमिका उन्हें इस बात से अवगत कराती है की उनके जैसा प्रेम-विक्षिप्त तो गूगल नामक खोज-यन्त्र द्वारा भी नहीं ढूँढा जा सकता। और इस प्रकार मानसिक अस्वस्थता के मापदंड पर खरे उतरे श्री श्रॉफ़ को उनकी प्रेमिका का सानिध्य प्राप्त होता है और गीत का समापन हो जाता है।

जो भद्रजन अधरालिंगन की प्रतीक्षा में हैं उन्हें ये सूचित किया जाता है कि गीत समाप्त हो गया है और उन्हीं की भांति श्री श्रॉफ़ भी प्रतीक्षा में ही हैं।

Published on my WordPress Blog on June 6, 2014.


Comments

  1. २३ साल के इस छोटे से जीवन काल में मैंने अब तक अनेक बुद्धिजीवियों से भेंट करने एवं उनके द्वारा रचित लेखों को पढ़ने का सौभाग्य प्राप्त किया है, किन्तु आपकी लेखन शैली, अलंकृत शब्दावली, व्यंग्यात्मकता का सुन्दर प्रयोग एवं कम शब्दों में अधिक कहने की कला अतुल्य एवं अभूतपूर्व है I किसी एक व्यक्ति की लेखन शैली में इतने भिन्न एवं प्रभावशाली तत्वों का होना अति सराहनीय है I अंग्रेजी, उर्दू एवं हिंदी, इन तीनों भाषाओं के आपके अद्वितीय ज्ञान को मैं हृदय से प्रणाम करती हूँ I
    जहाँ तक aajkal के गीतों का प्रश्न है, तो उस सन्दर्भ में तो मैं केवल इतना कहना चाहूंगी कि “लक २८ कुड़ी दा और ४७ वेट”, और इस कुड़ी के साथ कई मान्यवर “गन्दी बात” करने को उत्सुक हैं और तत्पश्चात “मुन्नी बदनाम” हो जाती है I जब ये तमाम प्रयोग कर के आज के युवा प्रेमी ऊब जाते हैं तो वे इस प्रकार के नए-नए आविष्कार करते हैं जैसे अधरों से अधरों को मिलाकर सीटी बजाना या अपनी प्रेमिका के समक्ष इस तथ्य का वर्णन करना कि किस प्रकार उसके “एंट्री” मारने से दिल में “घंटियाँ” बजने लगती हैं I
    इस विक्षिप्त मानसिकता का एवं गीतकारों की अतिशय सीमित लेखन क्षमता का साक्षात प्रमाण देने वाले ऐसे अनेक गीत, संगीत शब्द के वास्तविक अर्थ से कोसों दूर हैं I

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